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रोजाना योग करने से शरीर की ऊरà¥à¤œà¤¾ का सà¥à¤¤à¤° बेहतर बना रहता है साथ ही शारीरिक कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ और सहनशकà¥à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठइसे फायदेमंद माना जाता है।
Yoga Tips: रोजाना कितनी देर तक योग करना हो सकता है फायदेमंद? जानिठविशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ की कà¥à¤¯à¤¾ है सलाह
शरीर और मन, दोनों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और फिट बनाठरखने के लिठविशेषजà¥à¤ž नियमित रूप से योगासनों के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ की सलाह देते हैं। योग के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ की आदत संपूरà¥à¤£ शरीर की सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग के साथ रकà¥à¤¤ के संचार को बढ़ाने, मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बेहतर बनाठरखने और कई तरह की बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है। रोजाना योग करने से शरीर की ऊरà¥à¤œà¤¾ का सà¥à¤¤à¤° बेहतर बना रहता है साथ ही शारीरिक कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ और सहनशकà¥à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठइसे फायदेमंद माना जाता है। पर अकà¥à¤¸à¤° लोगों के मन में सवाल रहता है कि दिन में कितनी देर तक योग का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ किया जाना चाहिà¤?
योग के अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ की अवधि को लेकर विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का कहना है कि यह पूरी तरह से आपकी शारीरिक कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर निरà¥à¤à¤° करता है। हालांकि आदरà¥à¤¶ रूप से रोजाना 30 मिनट तक के योगासनों का संयोजन आपको सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बनाठरखने में सहायक हो सकता है। योगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸, सेंडेंटरी लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² के कारण शरीर को होने वाली समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचाने के साथ बेहतर मानसिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को बनाठरखने में मददगार है।
योगासनों की अवधि को लेकर कà¥à¤¯à¤¾ कहते हैं विशेषजà¥à¤ž?
योग विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का कहना है कि रोजाना कितनी देर आपको अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, इसका कोई निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समय नहीं चाहिà¤à¥¤ हालांकि, योग मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ आमतौर पर योग अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ के पà¥à¤°à¤•ार और फोकस के आधार पर निरà¥à¤à¤° करती है। योग का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करने के कई अलग-अलग तरीके हैं, यह सब इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि आप किस पà¥à¤°à¤•ार के लाठको लकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करके अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ कर रहे हैं। सामानà¥à¤¯à¤¤à¥Œà¤° पर सांस और अनà¥à¤¯ शारीरिक योगासनों के लिठ30 मिनट का समय परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ माना जाता है।
सà¥à¤¬à¤¹ के समय योग करने के लाà¤
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का कहना है कि सूरà¥à¤¯ के उदय से पहले योगासनों का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करना सबसे कारगर माना जाता है। सà¥à¤¬à¤¹ योग का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ आपके ऊरà¥à¤œà¤¾ के सà¥à¤¤à¤° में बढ़ावा दे सकता है। à¤à¤‚ठन या अपच से बचने के लिठखाली पेट योग करने की सलाह दी जाती है। अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ में कहा गया है कि यदि आप रोजाना योगासनों का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं तो इससे विशेष लाठपà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किठजा सकते हैं। यदि आप सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में सिरà¥à¤« à¤à¤• बार à¤à¥€ योग करते हैं तो इससे रीढ़ और हैमसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤‚ग के लचीलेपन में सà¥à¤§à¤¾à¤° किया जा सकता है।
कई तरह के आसनों का संयोजन
योग से अधिकतम लाठपà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और अनà¥à¤¯ आसनों का संयोजन बनाना उचित होता है। पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में कारगर माने जाते हैं वहीं अनà¥à¤¯ योगासन शरीर के अलग-अलग हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ को लकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करके लचीलेपन को बढ़ाने और इससे संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को कम करने में फायदेमंद माने जाते हैं। योग की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में अलग-अलग आसानों का संयोजन करके अधिकतम लाठपà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया जा सकता है, इसके नियमित अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ की आदत बनाà¤à¤‚।
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